बेच देलियै हमर सच्चाँ प्रेम अहाँ बजार में ,
खोजि देखु हमरा सन् भेटत नै लाखो हजार में !!हृदय हमर निकाएल हाथ पऽ राखि कऽ आहाँ ,
निलाम कऽ देलौ खार कऽ बीच ओहि खरिदार में !!
देख नै पेलौ आहाँ हमर भीतरी गुण सब यै ,
हम उ दीप छलौ ईजोर करै छलौ अन्हाँर में !!
एक छन लेल आहाँ सँ हम दूर कि चलि गेलौं ,
बसाए लेलौ जिनगी अपन छुट्टे घर - बार में !!
माया प्रेमकऽ गमकैत उ फूल छल विपिन ,
जे डिबिया लऽकऽ खोजलो सँ नै भेटत संसार में !!
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औरही नगरपालिका -३ श्रीपुर , महोत्तरी
हाल :- कतार

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